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    हमारे बारे में

    पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन विभाग, कृषि मंत्र्यालय का एक विभाग है। यह कृषि और सहकारिता विभाग के दो प्रभागों अर्थात पशुपालन और डेयरी विकास को मिला करके १ फरबरी , १९९१ को अस्तित्व में आया था। कृषि और सहकारिता विभाग का मात्स्यिकी प्रभाग तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय का एक हिस्सा इस नए विभाग में १० अक्टूबर १९९७ में अंतरित कर दिया गया था।

    यह विभाग पशुधन उत्पाद, उनके संरक्षण, रोगों से सुरक्षा तथा पशुधन में सुधार तथा डेयरी विकास के साथ-साथ दिल्ली दुग्ध योजना और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड से जुड़े मामलों के प्रति भी जिम्मेवार है। यह अंतर्देशीय तथा समुद्री मत्स्यन व् मात्स्यिकी से जुड़े मामलों को भी देखता है।

    विभाग राज्य सरकार/संघ शासित प्रदेशों को पशुपालन, डेयरी विकास और मात्स्यिकी से सम्बंधित मामलों पर नीति तथा कार्यक्रम बनाने में अपनी सलाह देता है। महत्व वाले प्रमुख क्षेत्र इस प्रकार हैं :

    • उत्पादकता में सुधर के लिए राज्यों/संघ शासित प्रदेशों में आवश्यक मुलभुत सुविधाओं का विकास करना।
    • स्वस्थ्य देखभाल के प्रावधान के माध्यम से पशुपालन की सुरक्षा और उनका संरक्षण करना।
    • राज्यों को वितरित करने के लिए बेहतर जर्मप्लाजमो के विकास के लिए केंद्रीय पशुधन फर्मों (गोपशु, भेड़ और कुक्कुट) का सुद्रिकरण करना।
    • ताजा तथा खारा जल में जलकृषि का विस्तार और मछुआरा समुदाय आदि का कल्याण।